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सिंगूर की हुंकार के बाद दिल्ली कूच
कोलकाता। बंगाल में चुनावी समर से पहले सियासी पारा अपने चरम पर पहुंच गया है। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने मतदाता सूची के एसआईआर को लेकर केंद्र सरकार और चुनाव आयोग के खिलाफ अब सीधी और निर्णायक जंग का ऐलान कर दिया है। बुधवार को सिंगूर की ऐतिहासिक धरती पर जनसभा को संबोधित करने के तुरंत बाद ममता बनर्जी दिल्ली के लिए उड़ान भरेंगी। यह दौरा महज एक राजनीतिक प्रवास नहीं, बल्कि दिल्ली की दहलीज पर शक्ति प्रदर्शन की एक सोची-समझी रणनीति है। इस बार मुख्यमंत्री का दिल्ली दौरा इसलिए भी अलग है क्योंकि उनके साथ उन परिवारों के परिजन भी जा रहे हैं, जिनकी मौत कथित तौर पर एसआईआर प्रक्रिया के दौरान मानसिक तनाव या उत्पीडऩ की वजह से हुई है। ़
मुख्यमंत्री ने हाल ही में दावा किया था कि राज्य में इस प्रक्रिया के कारण अब तक 110 से अधिक लोग अपनी जान गंवा चुके हैं। इन परिजनों को साथ ले जाकर ममता बनर्जी इस मुद्दे को केवल प्रशासनिक खामी नहीं, बल्कि एक मानवीय त्रासदी के रूप में राष्ट्रीय मंच पर पेश करना चाहती हैं। तृणमूल कांग्रेस का आरोप है कि चुनाव आयोग एसआईआर के नाम पर बंगाल के वैध मतदाताओं को निशाना बना रहा है। पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी पहले ही चेतावनी दे चुके हैं कि यदि एक भी असली मतदाता का नाम काटा गया, तो दिल्ली की सड़कों पर लाखों लोगों का हुजूम उतरेगा। ममता बनर्जी का यह दौरा उसी चेतावनी को धरातल पर उतारने की पहली बड़ी कोशिश माना जा रहा है। दिल्ली में इस समय संसद का बजट सत्र शुरू होने वाला है, ऐसे में ममता बनर्जी की मौजूदगी विपक्षी खेमे को और अधिक धार दे सकती है। सूत्रों के मुताबिक, मुख्यमंत्री दिल्ली में विपक्षी दलों के शीर्ष नेताओं के साथ बैठक कर एसआईआर के मुद्दे पर एक साझा मोर्चा बनाने की कोशिश करेंगी। भले ही अभी मुख्य चुनाव आयुक्त से उनकी मुलाकात का आधिकारिक कार्यक्रम तय नहीं है, लेकिन सिंगूर से दिल्ली तक की यह दौड़ साफ संकेत दे रही है कि चुनाव से पहले बंगाल की मुख्यमंत्री पीछे हटने के मूड में बिल्कुल नहीं हैं।